21वीं सदी का आत्मनिर्भर भारत -


वैश्विक महामारी के इस संकट घड़ी में हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की जनता को चौथी बार संबोधित किया गया। उन्होंने जनता धैर्य और एकजुटता के लिए सभी का आभार प्रकट किया और उन्हे साधुवाद दिया। करोना कि इस वैश्विक महामारी में भारत की जनता और सरकारों द्वारा किये गए अतुलनीय प्रयासों की प्रशंसा की।उन्होंने बताया कि इस संकट की घड़ी में सब ने मिलकर कार्य किया है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने निराशा की इस घड़ी में आशा की एक किरण ढूंढने के सलाह दी और भारत को एक नया रूप देने के लिए देश की जनता से अपील की। उन्होंने देश की जनता नई सोच , जोश और उल्लास के साथ भारत की उन्नति मैं अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है। 33 मिनट के संबोधन माननीय प्रधानमंत्री जी इस संकट की घड़ी से निकलने के लिए आत्मनिरभरता का एक महा मंत्र दिया। उन्होंने बताया कि अगर भारत जीतना है तो हमें आत्मनिर्भर बनाने होगा।नए भारत की संकल्पना आत्मनिर्भर भारत से जुड़ा हुआ है।

 अर्थव्यवस्था को 20 लाख करोड़ का संबल-

माननीय प्रधानमंत्री जी ने भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 20 लाख करोड़ की एक आर्थिक पैकेज की घोषणा की। आर्थिक पैकेज भारत के सभी वर्गों के एक राहत के रूप में कार्य करेंगा।
आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना देश के सभी जनमानस के भागीदारी से सुनिश्चित होगा इसके लिए आवश्यक है कि हम अपने लोकल उत्पाद के लिए वोकल बने। लोकल उत्पादकता को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि हम अपने उत्पाद की गुणवत्ता को सुधारें और अपने ग्राहक विश्वास पर खरे उतरने की कोशिश करें।
करोना महामारी के इस संकट की घड़ी में सारी दुनिया की सोच बदल चुकी है और भारत के प्रति भी सारी दुनिया की सोच में भी बदलाव आया है उन्हें विश्वास हुआ है कि अगर भारत जैसा देश आत्मनिर्भर बनता है तो उसकी आत्मनिर्भरता में पूरी विश्व की शांति समृद्धि का समावेश रहेगा। माननीय प्रधानमंत्री जी ने आत्मनिर्भर भारत की इमारत के 5 पिलरों का भी उल्लेख किया जो इकोनामी, इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम, डेमोग्राफी और डिमांड में समनिहित है।

लघु और मध्यम उद्योग को बढ़ावा-

इस आर्थिक पैकेज की मदद से भारत में लघु उद्योग , मध्यम उद्योग ग्राम उद्योग सभी के विकास के लिए संभल मिलेगा। एमएसएमई सेक्टर भारत के जीडीपी में लगभग 29% किसा भागीदारी रखता है। आर्थिक पैकेज की मदद से हमें उम्मीद है कि MSME SECTOR  आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना को एक नया रूप देगा।
करोना महामारी संकट के बीच बहुत सारी कंपनियां चीन से निकलने की सोच रही हैं इसलिए यह आवश्यक है कि भारत इसे एक अवसर के रूप में देखिए और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए अपने आधारभूत संरचना में बड़े बदलाव करें जिससे कि विदेशी कंपनियों को यह भरोसा मिल सके की भारत में निवेश करना उनके लिए फायदे का सौदा होगा।
भारत सरकार ने इन कंपनियों को भारत में लाने के लिए सभी क्षेत्रों में बदलाव करने शुरू कर दिए हैं भारत सरकार लैंड , लिक्विडिटी,लेबर और लॉ मूलभूत बदलाव किए हैं। इससे विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश एक अच्छा विकल्प लग रहा है। विदेशी निवेश आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में एक सकारात्मक बल देगी।
21वीं सदी में नया भारत बनेगा इस संकल्प के साथ सभी भारत वासियों को एकजुट होकर कार्य करना होगा आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए सभी को अपनी भागीदारी सुनिश्चित करना होगा  धन्यवाद।

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