पूरे विश्व में कोरोना वायरस को लेकर चिंता बना हुआ हैं आज भी बहुत से देशों में नए मरीजों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। भारत में भी नए मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। विश्व भर में अबतक कोरोना वायरस से संंक्रमित मरीज की संख्या 57 लाख से अधिक हो गई  है और लगभग 3लाख 55 हजार लोगो की मृत्यु हो गई है।

सबसे पहले अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाया की चीन की गलतियों के कारण कोरोना वायरस पुरे विश्व में फैला है। फिर बहुत देश ने चीन को इस महामारी का जिम्मेदार ठहरा और कोरोना वायरस पर निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच की  मांग कर रही है परंतु चाइना किसी प्रकार की जांच के लिए तैयार नहीं हो रहा है। चीन अपनी गलती स्वीकार करेने के बजाय आक्रामक व्यहार प्रस्तुत कर रहा है।   

कोरोना वायरस की जॉच के मुद्दे पर चीन अजीब सी प्रक्रिया दे रहा है और वह अपने आस पास के क्षेत्र में विवाद पैदा करके दुनिया को मुख्य मुददे से भटकने की कोशिश कर रहा है।सबसे पहले दक्षिण चीन सागर दक्षिण चीन सागर में स्थित देशों से विवाद शुरू किया। अब ये भारत के साथ भी विवाद शुरू कर दिया है।


LAC पर चाइना ने शुरू किया विवाद 

लगभग तीन सप्ताह से अधिक समय हो गया है भारत चीन सीमा के बहुत सी जगहों पर तनाव देखने को मिल रहा है। चीन इन जगहों पर आक्रामक रुख दिखा रहा है। सबसे पहले सिक्किम के नाथुला दर्रे के पास दोनों देशों की सेना के बीच टकराव हुई फिर लद्दाख में वास्तविक सीमा रेखा के पास चीनी लड़ाकू विमानों को देखा गया उसके बाद पूर्वी लद्दाख सेक्टर में पैंगोंग त्सो झील में दोनों सेना के बिच झड़प हुई 

 गलवान घाटी में दोनों एक दूसरे के आमने सामने 

अब चीनी सैनिको ने पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी के पास वास्तविक सीमा रेखा (LAC) को पार करके भारतीय सीमा 3 Km अंदर घुस गयी है और गलवान घाटी अपना बताते हुए वहाँ  टेंट को लगाना शुरू कर दिया है। सॅटॅलाइट से आयी तस्वीरों में चीन के नापाक हरकत साफ देखने मिल रही है।  बहुत से रिपोर्ट बता रहे है की लगभग 5000 चाइनीस सैनिक यहाँ तैनात हो गए है और चाइना की तरफ से बहुत ही आक्रामक बयान भी आ रहे है। 
इस सब को दखते हुए भरतीय सेना भी वहाँ तैनात हो गयी और दोनों सेना वहाँ स्टैंड ऑफ हो गए और कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है मामला तनावपूर्ण हो गया है। ऐसी स्थिति 2017 में डोकलाम में देखने को मिली थी ।

मामले पर प्रधानमंत्री मोदी जी ने NSA , CDS और तीनो सेना के प्रमुख के साथ एक मत्वपूर्ण बैठक करी और भारत का इस मामले में क्या स्टैंड होना चाहिए उस पर चर्चा किया गया भारतीय अधिकारियो के मुताबिक भारत पीछे नहीं हटेगा और चीन की तरफ से किसी प्रकार की गुस्ताखी का माक़ूल जवाब दिया जायेगा।

पैंगोंग त्सो झील में सीमा लेकर विवाद
 पैंगोंग त्सो झील में भारत चीन के बीच हर समय झड़प देखने को मिलते है आप को बता दे की पैंगोंग त्सो झील के  उत्तरीय तट पर Finger areas है जिनकी सख्या 8 है। अभी भारत का स्थायी पोस्ट Finger areas 4 पर है। 1962 की युद्ध भारत लद्दाख का बहुत बड़ा हिस्सा गवां दिया था।

  
चीन ऐसा क्यों कर रहा है

इन क्षेत्रों में दोनों देशो के बिच सीमा का कोई निश्चित मैपिंग नहीं है इसलिए ऐसी घटना दखने को मिलती रहती है। बहुत बार भारत की तरफ से मैप बनाने की बात कही गयी है परन्तु चीन इस पर कोई दिचस्पी नहीं दिखता है और इन कारणों से यह अधिकतर दोनों सेना के बिच झड़प होती रहती है। लेकिन इस समय मामला कुछ और है। चीन के इस विवाद के पीछे बहुत सी बातें सामने आ रहीं है।  
  1. कोरोना वायरस की जाँच को लेकर चीन पर इस वक्त बहुत दबाव आ रहा है लेकिन चीन इस पर जांच के लिए तैयार ही भी हो रहा है। चीन अपने आस पर के क्षेत्र के विवाद करके दुनिया को मुख्य मुददे से सबका ध्यान हटाना चाहता है। चीन भारत ही नहीं बल्कि दक्षिणी चीन सागर के देशों पर भी आक्रामक रुख दिखा रहा है।
  2. माना यह भी जा रहा है कि कोरोना वायरस की वजह से बहुत सी कंपनियां चीन छोड़कर दूसरे देशों जैसे कि भारत , वियतनाम , इंडोनेशिया, हांगकांग में जा रही है इसलिए भी चीन बौखलाया हुआ हैं।
  3. तीसरी बात यह मानी जा रही है कि WHA की बैठक में  COVID-19 के जाच के लिए भारत ने भी अपनी सहमति जतायी थी। जिसमे 62 देशों ने भी जॉच पर हामी भरी थी इसीलिए चीन बदले के रूप में भारत को परेशान कर रहा है।
  4. एक बात यह भी सामने आ रहा ही की जिस तेजी के साथ भारत अपने सीमा रेखा पर सड़क का निर्माण कर रही है। उसको भी लेकर चीन चिंतित है और भारत चीन सीमा पर अपनी सेना को लगा कर भारत को अपनी शक्ति दिखा रहा है।
  5. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चाइना के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपनी इमेज को चीन में सुधारने में लगे है क्योंकी जिस तरीके से उन्होंने covid-19 के मामले को जिस अव्यवस्था के साथ हैंडल किया है उस वजह से पूरे विश्व में नहीं अपितु चाइना में भी सवाल उठ रहे हैं।  एक बात और भी है कि शी जिनपिंग 2018 में चाइना कि संविधान में संशोधन करके खुद को जीवन भर के लिए राषट्रपति बना लिया था तो भी आंतरिक राजनीति में लोग नाखुश हैं। 
शी जिनपिंग अपनी छवि को चीन की जनता के सामने सुधरने में लगे है इसीलिए वह अपने क्षेत्र में मुख्य रूप से हॉग कॉंग और ताइवान को लेकर बहुत से कदम उठा रहे है। और चीन की जनता में अपनी छवि की बेहतर करने की कोशिश में लगे है।

चीन भारत की अपनी शक्ति दिखा कर यह जताने की कोशिश कर रहा है की बाकि देशो की तरह आप भी मेरा विरोध न करे और चीन का अन्तर्राष्टीय मंच पर सहयोग करे ।   

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